सत्य पुरूष कबीर साहिब जी की अमृतवाणी में ” सुमिरण का महत्व ” :-कबीरवाणी

सुमिरन का अंग कबीर, सुमरन मार्ग सहज का, सतगुरु दिया बताय। स्वास्-उस्वास् जो सुमिरता, एक दिन मिलसी आय।। कबीर,माला स्वास्

ऐ मालिक तेरे बन्दे हम, ऐसे हों हमारे करम, नेकी पर चलें और बदी से टलें, ताकि हंसते हुए निकले दम:-प्रार्थना

  ऐ मालिक तेरे बन्दे हम, ऐसे हों हमारे करम, नेकी पर चलें और बदी से टलें, ताकि हंसते हुए

ये मत कहो खुदा से , मेरी मुश्किलें बड़ी हैं, ये मुश्किलों से कह दो , मेरा खुदा बड़ा है-प्रार्थना

ये मत कहो खुदा से , मेरी मुश्किलें बड़ी हैं, ये मुश्किलों से कह दो , मेरा खुदा बड़ा है।

इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर हो ना-प्रार्थना

इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर हो ना, हम चले नेक रस्ते पे हमसे, भूलकर भी कोई

सत्यपुरूष कबीर साहिब जी की अमृतवाणी

।।कबीरवाणी।। कबीर,बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय, जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय। कबीर,पोथी पढ़ि

गुरू की संगत (प्रेरणादायक धार्मिक कहानी)

गुरु गोबिंद जी ने पानी मे पत्थर फैंका ओर सिखों से बहुत बार पुछा कि पत्थर क्यो डुबया एक ही

गधे का रास्ता(अंधविश्वास पर करारी चोट प्रेरणादायक कहानी) रिकू दास फेसबुक

गधे का रास्ता  एक छोटे से गाँव में भोलू नाम का एक गधा रहता था। वह गाँव बाकी दुनिया से