घूँट-घूँटकर पानी पीने के फायदे जानकर हो जायेगे हैरान:-राजीव दीक्षित (जरूर पढ़ें व शेयर करें)

पानी हमेशा घूँट-घूँट करके पीओ होंगे ये अद्भुत फायदे:-

पानी ऐसे पीओ जैसे चाय पीते ,गर्म दूध पीते है,गर्म कॉफी पीते है एक-एक घूँट भर कर एक एक सीप सीप करके पीते हैं।ऐसे ही पानी पीने की आदत डालो। ये मुँह में एक बार गिलास लगा लिया और गटा-गटा खाली कर दिया ये तरीका गड़बड़ है।

एक घूंट पानी एक बार मे या दो घूंट पानी एक बार में उतना ही पीओ। आप कहोगे की ये क्या चीज है बात ऐसी है की एक-एक घूंट पानी हम जब पीते हैं तो मुंह की लार पानी के साथ अंदर जाती है।जो यह मुंह की लार होती है।

यह छारीय होती है और पेट में हमेशा अमल बनता रहता है तो एक घूंट पानी पीया मुंह की लार पानी के साथ अंदर गई दो घूंट पानी पिया और ज्यादा लार अंदर गई बार बार लार अंदर जाएगी तो लार में जो छार पदार्थ हैं यह पेट में अमल के साथ मिलेगा पेट में अम्ल बनता है लार में जो छारीय पदार्थ होता है यह अमल को समाप्त कर देता है इससे किसी भी व्यक्ति के पेट में अम्लता नहीं होती एसिलिटी नहीं होती ।

जिनके पेट में अम्लता नहीं होती उनके रक्त में अम्लता नहीं होती उनकी जिंदगी में वात पित्त कफ के असंतुलन की स्थिति पैदा नहीं होती इसलिए पानी घुट-घुट कर पिए।

हम आपको अपना एक अनुभव बताते हैं भारत देश में या दुनिया में कहीं भी जाओ मनुष्य को छोड़कर पशु पक्षियों को देखना शुरू करो वह पानी कैसे पीते हैं।

किसी चिड़िया को पानी पीते हुए देखो किसी पक्षी को पानी पीते हुए देखो ,वो चोंच में एक बूंद के बराबर पानी उठाते हैं

फिर थोड़ी देर तो चोंच चलाएंगे फिर दूसरी बूंद पानी लेगा फिर चोंच चलाएगा फिर तीसरी बूंद लेगा ऐसे एक-एक बूंद करके पक्षी पानी पीता है ।

कुत्ते को पानी पीते हुए देखो चाट-चाट कर पानी पीता है शेर को पानी पीते हुए देखो चाट-चाट कर पानी पीता है जितने भी जानवर चाट चाट कर पानी पीते है।।

जितने भी पक्षी घूट घूट कर पानी पीते हैं। किसी भी पक्षी और जानवर को डायबिटीज नहीं है किसी को अर्थराइटिस नहीं है कोई पक्षी ऑवरवेट नहीं है कोई पशु ऑवरवेट नहीं है सब स्लिम और ट्रिम है।

क्योंकि वो इतने होशियार है पानी चांट-चांट कर पीते हैं या घुट-घुट कर पीते हैं।मुझे यह हैरानी होती है कि पशु पक्षियों को कौन सिखाता है।ये जन्म से ही है ज्ञान सीख कर आते है ।इनका कोई गुरु नही होता है ।

इनका कोई विद्यालय नही है इनके कोई प्रशिक्षण शिविर नही लगते फिर भी इनको इतनी अक्ल है कि वह जब भी पानी पिएंगे और मनुष्य जिनके इतने कॉलेज विद्यालय है सीखने वाले है और हम मूर्खो के हम के मूर्ख गटागट पानी पीते हैं।तो पानी पीने का तरीका बदल दो।

पानी जब भी पीओ तो घूँट-घूँट कर मुंह में घुमा घुमा कर कर पानी पियो।।

आपका अपना राजीव दीक्षित

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