सत्तर बीमारियों का इलाज चुने से जैसे मन्दबुद्धिता,नपुंसकता,आर्थराइटिस,जोड़ दर्द,खून की कमी,,मासिकधर्म,आदि:-राजिव दीक्षित (जनहित में पोस्ट को शेयर करें)

चूना पथर वाला ये सत्तर बीमारिया ठीक कर देता है।अकेला चूना सत्तर बीमारी ठीक।

(नोट:-पथरी के रोगी कभी भी चुना न खाए बिल्कुल मना है)

क्या क्या बीमारी ये ठीक करता है?

1.पीलिया रोग

जैसे किसी को पीलिया हो जाये माने जोंडिस उसकी सबसे अच्छी दवा है चूना; गेहूँ के दाने के बराबर चूना गन्ने के रस में मिलाकर पिलाकर पिलाओ जिसको से पीलिया हुआ है बहुत जल्दी ठीक कर देता है ।

2.नपुंसकता

और यही चूना है वो नपुंसकता की सबसे अच्छी दवा है – अगर किसी को नपुंसकता है पुरूष के पेट मे शुक्राणु बिल्कुल नही है। आप उसको चूना खिलाते रहो गन्ने के रस में साथ चूना खिलाओ साल डेढ़ साल में भरपूर शुक्राणु बनने लगते है।

3.माताओं को अंडे न बनना की समस्या को ठीक करता है।

माताओं के लिए भी बहुत काम का है चूना। जिन माताओं के शरीर में अन्डे नही बनते उनकी बहुत अच्छी दवा है ये चूना।।

(नोट:-पथरी के रोगी कभी भी चुना न खाए बिल्कुल मना है)

4.बच्चों की लंबाई बढ़ाने में व स्मरण शक्ति बढ़ाने में सहायक।

ये बच्चे लोग सब सुन रहे है ,आप को अगर लंबाई बढ़ानी है तो चूना खाओ ।लम्बाई बहुत बढ़ती है।

कैसे खायेंगे – गेहूँ के दाने के बराबर चूना रोज दही में मिलाके खाओ, दही नही है तो दाल में मिलाके खाओ, दाल नही है तो पानी में मिलाके पियो।चूना खाओ लम्बाई तो बढ़ेगी ही इसके साथ साथ स्मरण शक्ति भी बहुत अच्छा हो जाती चूने से याद बहुत रहता है। जो बच्चे हर दिन चूना खायेंगे उनकी समरणशक्ति बहुत अच्छी होती है याद बहुत होता है।ये बच्चे लोग ध्यान से सुने कई बार आप को ऐसे बच्चें दिखाई दे जिनकी बुद्धि कम काम करती है।मंदबुद्धि बच्चे उनकी सबसे अच्छी दवा ये चूना है।जो बच्चे बुद्धि से कम है, जिनका दिमाग बहुत कम चलता है।देर में काम करते है, देर में सोचते है हर चीज उनकी स्लो है उन सभी बच्चों को चूना खिलाइये बहुत अच्छे हो जाएंगे। कितना खिलाएंगे गेंहू के दाने के बराबर किसमे खिलाएंगे दही में या दाल में नही तो पानी मे घोलकर ,नही तो गन्ने के रस में,मौसमी के रस में ।।

(नोट:-पथरी के रोगी कभी भी चुना न खाए बिल्कुल मना है)

 

5.माताओं बहनों को मासिकधर्म की हर समस्या में लाभदायक

ये बहने सब सूने इस बात को ध्यान से हमारे घर मे जब बहनों को मासिक धर्म होता है(MC)।कुछ भी तकलीफ होती हो तो उसका सबसे अच्छी दवा है चूना।मासिक धर्म (MC) की जितनी भी बीमारी है चूना सबको ठीक करता है।और हमारे घर में जो माताएं है जिनकी उम्र पचास वर्ष हो गयी और उनका मासिक धर्म बंध हुआ उनकी सबसे अच्छी दवा है चूना।सभी माताओं को बताइये गेहूँ के दाने के बराबर चूना हर दिन खाना दही में, दाल में, लस्सी में, नही तो पानी में घोल के पीना ।

(नोट:-पथरी के रोगी कभी भी चुना न खाए बिल्कुल मना है)

जब कोई माँ गर्भावस्था में है तो आप उसको जरूर बोले कि चूना हररोज खाये।क्योकि गर्भवती माँ को सबसे ज्यादा केल्सियम की जरुरत होती है और चूना कैल्सियम का सब्से बड़ा भंडार है ।कितना चूना खिलाना है गेहूँ के दाने के बराबर हर रोज और किस चीज में खिलाएं। गर्भवती माँ को चूना खिलाना चाहिए ।अनार के रस में अनार का रस एक कप और चूना गेहूँ के दाने के बराबर ये मिलाके रोज पिलाइए नौ महीने तक लगातार दीजिये तो चार फायदे होंगे!

1.पहला फायदा

ये होगा के माँ को बच्चे के जन्म के समय कोई तकलीफ नही होगी और नोर्मल डिलीवरी से बच्चा पैदा होगा।

2.दूसरा फायदा

ये होगा कि बच्चा जो पैदा होगा वो बहुत हष्टपुष्ट और तंदरुस्त होगा बहुत हैल्दी बेबी होगा।

3.तीसरा फ़ायदा

वो बच्चा जिन्दगी में जल्दी कभी गम्भीर बीमार नही पड़ता जिसकी माँ ने चूना खाया

4.चौथा फायदा

चौथा सबसे बड़ा लाभ है वो बच्चा बहुत होसियार होता है बहुत Intelligent होता है। जिस बच्चे की माँ ने गर्भावस्था चूना खाया है अनार के रस में वो बच्चा बहुत Intelligent और Brilliant होता है उसका IQ बहुत अच्छा होता है।

तो ये चूना है ना बहुत बढ़िया है आप इसको खाओ। और क्या क्या काम करता है ये चुना घुटने का दर्द ठीक करता है , कमर का दर्द ठीक करता है , कंधे का दर्द ठीक करता है, एक खतरनाक बीमारी है Spondylitis वो चुने से ठीक होता है । कई बार हमारे रीड़ की हड्डी में जो मनके होते है इसके जो मनके होते है उसमे दुरी बड़ जाती है Gap आ जाता है चुूना ही उसको ठीक करता है।– रीड़ की हड्डी की सब बीमारिया चुने से ठीक होती है । अगर आपकी हड्डी टूट जाये तो टूटी हुई हड्डी को जोड़ने की ताकत सबसे ज्यादा चूने में है चूना खाओ बहुत अच्छा है। चूना खाइए सुबह में खाली पेट ।

और बताता हूँ आप को अगर मुह में ठंडा गरम पानी लगता है तो चूना खाओ बिलकुल ठीक हो जायेगा है । मुँह में अगर छाले हो गए है तो चुने का पानी पियो तुरन्त ठीक हो जाता है । ये जो चूना तब जरूर लेना जब शरीर में जब खून कम हो जाये तो चूना जरुर लेना चाहिए ।अनीमिया है खून की कमी है उसकी सबसे अच्छी दवा है ये चूना , चूना पीते रहो गन्ने के रस में , या संतरे के रस में नही तो सबसे अच्छा है अनार के रस में।अनार के रस में चूना पिए खून बहुत बढता है । बहुत जल्दी खून बनता है । एक कप अनार का रस गेहूँ के दाने के बराबर चूना सुबह खाली पेट ।
मुझे ऐसा लगता है कि भारत के जो लोग चुने से पान खाते है, बहुत होसियार लोग है।लेकिन तम्बाकू नही खाना, तम्बाकू ज़हर है कैंसर करने वाला है जानलेवा है खतरनाक है तम्बाखू और चूना अमृत है। तो चूना खाइए तम्बाकू मत खाइए और पान खाइए चुने का उसमे कत्था मत लगाइए, कत्था भी जानलेवा है कैंसर करने वाला है बहुत खतरनाक है। पान में सुपारी कभी भी मत डालिए। पान में आप सोंठ डालिए उसमे,ये आप लोग पान में इलाइची डालिए , लोंग डालिए,केशर डालिए,ये सब डालिए पान में चूना लगाके पर कभी भी तम्बाकू नही, सुपारी नही और कत्था डाले जानलेवा है बहुत ज्यादा खतरनाक है।
पान में आप सोंठ डालिए उसमे,ये आप लोग पान में इलाइची डालिए,लोंग डालिए,केशर डालिए,ये सब डालिए पान में चूना लगाकर खाये।

घुटनों में घिसाव

अगर आपके घुटने में घिसाव आ गया और डॉक्टर कहता है कि घुटना बदल दो तो भी जरुरत नही चूना खाते रहिये और मेने जो बोला हाड़सिंगार के पत्ते का काड़ा खाइए घुटने बहुत अछे काम करेंगे ।

मेरा सबको ये कहना है चूना खाइए,पर चूना लगाइए मत किसको भी।

ये चूना लगाने के लिए नही है खाने के लिए है ।आजकल अपने देश में चूना लगाने वाले बहुत है पर ये भगवान ने खाने के लिए दिया है ।।

(नोट:-पथरी के रोगी कभी भी चुना न खाए बिल्कुल मना है)

:-राजिव दीक्षित जी

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